शैख़ नईम क़ासिम ने अलजज़ीरा टीवी से बात करते हुए कहा कि सऊदी अरब का मानना है कि वह ईरान के साथ टकराव में अमरीका को इस्तेमाल कर सकता है जबकि सच्चाई यह है कि यह वाॅशिंग्टन है जो क्षेत्र में अपने हितों के लिए सऊदी अरब को इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने फ़िलिस्तीन का समर्थन बंद कर दिया है और वह क्षेत्र में इस्राईल की रक्षा के लिए हर आवश्यक क़दम उठा रहा है। शैख़ नईम क़ासिम ने ईरान के साथ मतभेदों को दूर करने के लिए राजनैतिक समाधान खोजने संबंधी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के बयान के बारे में कहा कि यद्यपि यह बयान सकारात्मक है लेकिन इस संबंध में कभी भी व्यवहारिक क़दम नहीं उठाया जाएगा।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उपमहासचिव ने कहा कि सऊदी अरब क्षेत्रीय सुरक्षा के मामलों की समीक्षा के बारे में ईरान से बात करने से दूर भागता है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात, क्षेत्र में अमरीका व ज़ायोनी शान के दो सेवक हैं और यमन का युद्ध भी इन्हीं सेवकों ने शुरू किया है। शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प सऊदी अरब से पैसे लेते हैं और इसके बावजूद वे उसकी कड़ी आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि इमारात भी सऊदी अरब जितना ही बुरा है और वह भी यमन के एक भाग पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश में है।